मूर्ति पूजा उपपत्ति
चित्रपाल आर्य (आर्यसमाजी) ने कहा – मूर्तिपूजा सनातन धर्म का सबसे बड़ा पाखंड है। महर्षि दयानन्द जी ने कहा कि मूर्तिपूजा पाप है, अधर्म है, और वेद के विरुद्ध है। अतः इसका निश्चय होना चाहिए। मैंने (सनातन वैदिक धर्मी) ने पूछा – यह बताइए, मूर्तिपूजा से आप क्या समझते हैं? चित्रपाल बोले – मूर्ति जड़ पदार्थों…


